
लोहे का गेट नहीं अफसरों की ‘नींद’ गिरी! कलेक्टर ऑफिस में बुज़ुर्ग की दर्दनाक मौत
लापरवाही की हद मौत का दरवाजा अब तक वही खड़ा कौन है बुजुर्ग की मौत का जिम्मेदार…?
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार न्यूज/धार के कलेक्टर कार्यालय में कुछ देर पहले मुख्य प्रवेश द्वार का लोहे का भारी दरवाजा गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई।
उसके बाद भी लापरवाही का आलम यह है कि “मौत का दरवाजा” घटना स्थल पर अभी तक जस का तस खड़ा हुआ है।किसी भी जिम्मेदार ने उसे हटाने की जहमत नहीं दिखाई है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शायद प्रशासनिक अधिकारी दरवाजे के दोबारा गिरने ओर उसकी चपेट में आने से फिर किसी के मरने का रास्ता देख रहा है।
जानकारी के अनुसार कुछ घंटो पहले कलेक्टर कार्यालय धार के लोहे के प्रवेश द्वार का एक हिस्सा किसी काम से आए शहर के रासमंडल निवासी बुजुर्ग पारस जाट पर अचानक गिर गया जिसमें बुजुर्ग के सिर व चहरे पर गंभीर चोट लग गई और काफी खून बह गया लोगों की मदद से उन्हें तुरंत जिला भोज अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर ओर वेंटिलेटर देकर बचाने की कोशिश की लेकिन उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद जनता में आक्रोश देखा गया लोगों का कहना है कि जब लोगों को सुविधा और सुरक्षा देने वाले कार्यालय में लापरवाही का यह आलम है तो शहर की क्या हालत होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि घटना के बाद भी करीब तीन सवा तीन बजे तक भी मौत का दरवाजा अपनी जगह पर खड़ा रहा अगर इसकी चपेट में ओर कोई आ गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
बहरहाल पूरी घटना से जहाँ शहर और आमजन में चिंता का माहौल है वही प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार इस घटना को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
वही जिला भोज अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर आयुषी जैन ने बताया कि पारस जाट नामक बुजुर्ग को मृत अवस्था में लाया गया था जिन्हें हमने सीपीआर बेगेंन मास वेंटिलेशन देकर बचाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली बताया गया की उन पर लोहे का बड़ा गेट गिरा था जिससे उन्हें हेड इंज्युरी आई थी और चहरे पर भी काफी चोटे आई थी पीएम के लिए शव भिजवाया गया है।